आज की ताजा खबर

कोडीन कफ सिरप तस्करी में 5.25 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

top-news top-news

कानपुर | कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में आरोपी अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल की संपत्तियों को फ्रीज करने के लिए वाराणसी की सारनाथ पुलिस कानपुर पहुंची। पुलिस ने सिविल लाइंस, जाजमऊ, बिरहाना रोड और देहली सुजानपुर स्थित कुल पांच संपत्तियों को फ्रीज किया है।
इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 5.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक बैंक खाते को भी फ्रीज किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल फर्जी बिलिंग के जरिए कफ सिरप को बॉर्डर और पश्चिम बंगाल तक पहुंचा रहे थे। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका भी जताई गई है।

दो फर्मों पर की गई फर्जी बिलिंग
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि प्रदेश भर में कोडीन तस्करी को लेकर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वाराणसी के सारनाथ थाने में भी एक मुकदमा दर्ज हुआ था। ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई में सामने आया कि एमके हेल्थकेयर (प्रयागराज) और पीडी फार्मा (सारनाथ, वाराणसी) नामक फर्जी फर्मों के जरिए कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी की जा रही थी।
जांच में पता चला कि कानपुर के बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स, जिसके मालिक विनोद अग्रवाल हैं, ने भी इन दोनों फर्मों के नाम पर कोडीन युक्त कफ सिरप की फर्जी बिलिंग की थी।
फर्मों में नहीं आया एक भी सिरप
पुलिस जांच में पाया गया कि दोनों फर्मों में एक भी कफ सिरप की खेप नहीं पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी से अर्जित धन पीडी फार्मा और एमके हेल्थकेयर के जरिए वापस अग्रवाल ब्रदर्स के खाते में पहुंचा। यह रकम करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

तीन संपत्तियां विनोद के नाम, दो पत्नी और बेटे के नाम
एसीपी सारनाथ ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत अपराध से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।
फ्रीज की गई संपत्तियों में सिविल लाइंस स्थित गोपाला विहार के दो प्लॉट, देहली सुजानपुर, जाजमऊ और बिरहाना रोड की संपत्ति शामिल हैं। इनमें बिरहाना रोड की संपत्ति व्यावसायिक है, जबकि अन्य सभी आवासीय हैं।
एक बैंक खाता भी फ्रीज किया गया है, जिसमें लगभग 37 लाख रुपये जमा हैं।
बिरहाना रोड की संपत्ति सविता अग्रवाल के नाम, देहली सुजानपुर की संपत्ति शिवम अग्रवाल के नाम पर है। बाकी तीन संपत्तियां विनोद अग्रवाल के नाम दर्ज हैं। सभी संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 5.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
बी और सी लेवल की फर्मों में होती थी फर्जी बिलिंग
पुलिस के अनुसार, विनोद अग्रवाल के खिलाफ कानपुर के कलक्टरगंज थाने में भी मुकदमा दर्ज है। सारनाथ थाने में दर्ज मामले में भी वह मुख्य आरोपी हैं।
जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल सुपर स्टॉकिस्ट के तौर पर कंपनी से एसकफ सिरप लेते थे और फिर बी व सी श्रेणी की फर्मों में फर्जी बिलिंग कर इसे पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में डायवर्ट कर देते थे। पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका जताई गई है।

11 नवंबर को पड़ा था छापा
11 नवंबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लखनऊ से आकर बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स पर छापा मारा था। छापे के दौरान फर्म के मालिक विनोद अग्रवाल मौके से फरार हो गए थे। जांच में निर्धारित मात्रा से अधिक कफ सिरप और कई अनियमितताएं पाई गईं।
इसके बाद कलक्टरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से विनोद अग्रवाल फरार था। 25 जनवरी 2026 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वह हरियाणा में किराए के मकान में रह रहा था। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर है।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *